कच्छ का रण

पूर्ण चंद्रमा के प्रकाश में कच्छ के रण को निहारना आत्म सौंदर्य की उपासना करने वालों के लिए अत्यंत स्वर्गिक अनुभव सिद्ध होता है। गुजरात के कच्छ के रण का यह महोत्सव 1 नवंबर 2016 से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2017 तक चलेगा। पूरे चार महीने में आपके पास अपनी सुविधा के आधार पर पर्याप्त अवसर हैं। आप इन चार महीने में जब आना चाहें, कच्छ आपके स्वागत के लिए तैयार है।
चंद्रमा के प्रकाश में दूधिया आभा मंडल कच्छ के रण को धरती पर किसी दूसरे ग्रह जैसा रूप देता है। क्षितिज जहां समाप्त होने का नाम नहीं लेता और आंखे जिसे देखकर बस मंत्रमुग्ध हो जाती हैं, शब्द जिसके वर्णन में असमर्थ हो जाते हैं, ऐसा विहंगम परिदृश्य। गुजरात सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटकों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं यहां की जाती हैं। पूरे परिवार के साथ आप यहां आनंद उठाने के लिए आएं तो स्मृतियां जीवन भर आपको आनंद सागर में डुबोती रहेंगी क्योंकि गीत-संगीत-लोकनृत्य-लोक परिवेश में आनंद के साथ रहने का जो अनुभव आपको यहां मिलेगा, वह कहीं नहीं मिलेगा।
गुजरात की संस्कृति एक स्थान पर जैसे आकर ठहर जाती है। ऊंट की सवारी, पैरामोटरिंग, गोल्फ कार्ट, एटीवी राइड, ध्यान-योग, परंपरागत कारीगरी, शिल्प, वस्त्र, व्यंजन समेत सैकड़ों प्रकार की आनंददायक चीजें आपको एक साथ रन-उत्सव में मिलती हैं, जिसे पाकर न सिर्फ आप धन्य अनुभव करेंगे बल्कि आपके यह भी अनुभव होगा कि हमारी विरासत कितनी समृद्ध और महान है। एक साथ इतनी विविधताओं वाला देश विश्व में सिर्फ भारत है और भारत में भी गुजरात को जानने-समझने के लिए रन-उत्सव अनूठा और अलबेला आयोजन है।
कच्छ के रन-उत्सव के साथ आप आस-पास के अनेक ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी आराम से कर सकते हैं। धौलावीरा, मांडवी, कांडला पोर्ट, वन्यजीव अभयारण्य, देस देवी मा आसापुरा, भद्रेश्वर तीर्थ समेत अनेक स्थान हैं जो आपको इतिहासे का साथ वर्तमान तक के विकास का आनंददायक सफर प्रदान करेंगे जिसे देखकर जहां आपके मन में भारत के अतीत के प्रति गौरव भाव जागेगा तो वर्तमान विकास यात्रा को लेकर भी गर्व का अनुभव करेगा।

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