पद्मभूषण डॉ गोपालदास “नीरज” जी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित “काव्यांजलि” में सम्मिलित होने का मिला अवसर

महत्वपूर्ण यह नहीं कि जीवन कितना जिया, एक शाश्वत और सार्थक जीवन के धनी रहे दिवंगत कवि और गीतकार पद्मभूषण डॉ गोपालदास “नीरज” जी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित “काव्यांजलि” में सम्मिलित होने का सुअवसर मिला|

वसीयत के रूप में नीरज जी ने साहित्य जगत के लिए एक बहुत बड़ा खजाना छोड़ा है| उनका जीवन संघर्ष से शिखर पर पहुंचने की एक जीवंत मिसाल है|