भारत के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है “गीता जयंती”

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के भव्य आयोजन के लिए मैं हरियाणा सरकार, प्रशासन और इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अपना योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों का ह्रदय से अभिनन्दन करता हूँ ।

दुनिया भर के विद्यालय, विश्वविद्यालय, प्रबंध संस्थान और कारपोरेट से जुड़े लोग जीवन में शांति, उन्नति और सफलता के लिए गीता के रहस्यों को जानने, समझने में लगे हैं । हम सौभाग्यशाली हैं कि गीता की जन्मस्थली में कुछ पुण्य कार्य करने का अवसर मिला है ।

कुरुक्षेत्र में गीता जयंती वर्षों से होती आ रही है । लेकिन इस स्थानीय उत्सव को अंतरराष्ट्रीय महोत्सव बनाने की परिकल्पना और उसका भव्य आयोजन सराहनीय है ।

गीता जयंती अवसर पर 1 से 10 दिसंबर २०१६ तक कुरुक्षेत्र में लगभग 20 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है । 1 करोड़ 75 लाख गीता प्रेमियों ने इंटरनेट पर संपर्क साधा । 18 हजार 473 बच्चों द्वारा सामूहिक गीता पाठ कर विश्व रिकार्ड बनाया गया । 700 स्टालों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को ब्रह्मसरोवर के तट पर मेले के रूप में प्रस्तुत किया गया । देश के 574 जिलों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रादेशिक लोक-वेशभूषा में पहुंचकर श्लोकों का उच्चारण किया गया । कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ४ दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ साथ ही संतों-महात्माओं द्वारा एक साथ 25 देशों में गीता के श्लोकों का उच्चारण भी किया गया । यह सब इस आयोजन के सफलता की झलक है ।

दुनिया में कहीं भी जब हम भारतीयों का परिचय होता है या हमें जाना जाता है तो हमारी पहचान के रूप में हमारी समृद्ध संस्कृति की बात होती है । वास्तव में हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है ।
हमारी सांस्कृतिक पहचान के सैकड़ों उदाहरण हो सकते हैं, कृष्ण, गीता और कुरुक्षेत्र भारत की सांस्कृतिक पहचान है ।

भारत में आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं । पर्यटन मंत्रालय ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु स्वदेश दर्शन योजना के अन्तर्गत बुद्ध सर्किट, रामायण सर्किट और कृष्ण सर्किट की शुरुआत की है । कृष्ण सर्किट का एक प्रमुख केंद्र कुरुक्षेत्र है । कुरुक्षेत्र विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभरे ऐसी कार्य योजना हम बना रहे हैं ।

दुनिया के कई शहर हैं जिनकी आजीविका और विकास की जड़ में धार्मिक पर्यटन है । दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों कृष्ण भक्त की इच्छा होती है कि जीवन में वो एक बार गीता जन्मस्थली जरूर आये। ऐसी संभावनाओं को संभव बनाने का यह सबसे उपयुक्त समय है ।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी पर्यटन को विशेष महत्व देते हैं । प्रधानमंत्री जी ने वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही है । दिल्ली में आने वाले अथवा रहने वालो के लिए कुरुक्षेत्र बेहतर वीकेंड टूरिस्म स्पॉट बन सकता है ।

आने वाले वर्षों में गीता जयंती दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने इस पर हम सभी यह योजना कर रहे हैं ।

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