आज लेखक एवं कर्तव्यनिष्ठ स्वयंसेवक अनुपम त्रिवेदी जी से शिष्टाचार भेंट कर उनके साथ सार्थक संवाद किया तथा उनके द्वारा लिखित पुस्तक RSS@100 A Century of Service, Unity & Sacrifice के लिए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह पुस्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के त्याग, निष्ठा एवं समर्पण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष केवल एक संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और चरित्र निर्माण की प्रेरणादायी परंपरा के प्रतीक हैं। सेवा, संगठन और संस्कार के मूल मंत्र के साथ संघ ने अनगिनत स्वयंसेवकों के माध्यम से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।







